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Wednesday, September 4, 2013
खून के घूंट
न जाने कैसे
मर जाते हैं लोग
भूख से,
प्यास से,
यूँ ही किसी की
आस से,
जबकि
जीने के लिये
नहीं करना कोई
मशक्कत
और न ही
कोई हरकत..
बस यूँ ही
बैठे-ठाले
न जतन कोई
निराले
किये बगेर
जी सकते हो
आप,
बिना
दाना-पानी के
लगातार
पीते हुए
खून के घूंट......
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