Saturday, November 16, 2013

बोलते आँसू



आँसू
हैं तो महज पानी
जो दिल की आग से 
बाहर आते हैं
और
बाहर आके दूसरों के
दिलों को जला जाते हैं।
आँसू
है तो खामोश पानी
लेकिन ये भी कमबख्त
चीखते हैं
चिल्लाते हैं।

लेकिन ज़िंदगी में
न सब समझ सकें
इन आँसूओं की 
भाषा
जो होते हैं दिल के पास
बस, वही जाने
असली परिभाषा..

कभी दिल के दर्द को
संग अपने बहा ले जाते हैं ये
कभी उस दर्द को
और गहरा बना जाते हैं ये...

इन आँसुओं में 
भावनाओं का सैलाब है
इन आँसुओं में छुपे
कई हसरतों के ख्वाब है
इन आँसुओं में हैं सवाल
और इन्हीं में सारे जवाब हैं
लेकिन जिंदगी में है कौन वो
जो समझे इन आँसुओं की भाषा
है कौन दिल के पास
जो जाने इनमें छुपी परिभाषा...

लफ्ज़ जब लाचार हो जाते हैं
तब आँसू ही बयाँ करते हैं
दिल की हरकतों को
आँसू ही हैं जो जोड़ें
टूटे हुए सिलसिलों को..

तड़पता हुआ दिल
सिसकती हुई आँखों से
बयाँ करता है अपनी
बेचैनियाँ,
और उस सिसकन से
भीग जाते हैं 
तकिये रातों में...

ग़नीमत है ये आँसू 
बेरंग होते हैं,
नहीं तो सनम!
ये तकिये दिल की
सारी दास्तान
चुगल देते जमाने से.......

24 comments:

  1. बहुत खूब ... यकीनन आंसूओं को बेरंग ही होना चाहिए था ... नहीं तो कह देते पता नहीं क्या किस रंग में ... आंसुओं की दास्तां लिख दी ...

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    1. शुक्रिया आपका...

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  4. आंखों को पढने का सलीका चाहिए ताबिश
    इससे गिरे आंसू भी संवाद करते हैं।।

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    1. खूबसूरत पंक्तियाँ ताबिश भाई...

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  5. एक बूंद आंसू के कितने रूप ..... प्यार मुहब्बत दर्द एहसास ख़ुशी और भी रूप बन झलक पड़ते हैं ...

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    1. सही कहा रंजना जी..साथ ही शुक्रिया आपका।।

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  6. kitne tarah ke aansu..jitne tarah ki bhavnayen...or kitne rup aapne bataya....wah bahut khoob....

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  7. ग़नीमत है ये आँसू
    बेरंग होते हैं,
    नहीं तो सनम!
    ये तकिये दिल की
    सारी दास्तान
    चुगल देते जमाने से.......बहुत खूब......

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    1. कौशलजी धन्यवाद...

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  8. यादों के दिए ...आंसुओ से जलाये जाते है !
    शुभकामनायें!

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  9. हर आंसू कुछ कहता है। भावपूर्ण कविता।

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    1. शुक्रिया आपका संतोष जी...

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  10. आँसू की कहानी .... सुंदर प्रस्तुति

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    1. धन्यवाद संगीता जी..

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  11. प्रिय ब्लागर
    आपको जानकर अति हर्ष होगा कि एक नये ब्लाग संकलक / रीडर का शुभारंभ किया गया है और उसमें आपका ब्लाग भी शामिल किया गया है । कृपया एक बार जांच लें कि आपका ब्लाग सही श्रेणी में है अथवा नही और यदि आपके एक से ज्यादा ब्लाग हैं तो अन्य ब्लाग्स के बारे में वेबसाइट पर जाकर सूचना दे सकते हैं

    welcome to Hindi blog reader

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  12. बहुत उम्दा भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

    नयी पोस्ट@ग़ज़ल-जा रहा है जिधर बेखबर आदमी

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  13. ये तकिये दिल की
    सारी दास्तान
    चुगल देते जमाने से.......बहुत खूब...

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  14. काश इन आंसुओं का भी कोई रंग होता ....तो तकिया कभी खुशी के नीले आँसू से तो गम के काले रंग से भीगा हुआ मिलता

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