Wednesday, October 5, 2016

सत्व का सत्य

असंख्य ग्रह, नक्षत्र
और आकाशगंगाओं के बीच
ढूंढता हूँ कभी-कभी
अपनी भी
अदनी सी हस्ती।

तलाशता हूँ उन कारणों को
जो किसी संयोग में खुशी
और वियोग में दुःख को बढ़ा देते हैं।
जब किसी चीज़ को पाकर
हो जाता है खुद पे गुमान
इस बृह्मांड से भी बड़ा होने का...
और कभी कुछ खोकर
बन जाता हूँ क्षुद्र
कि
अपने सत्व को
समझने की भी खो देता हूँ
लायकात 'मैं'।

देखता हूँ
जब जीवन वृत्त की
परिधि को
और
उसमें घट रही
घटनाओं की
अविरल संतति को...
तो कर देता हूँ व्याख्याएं
उनके अच्छे या बुरे होने की।
सिर्फ
मौजूदा अंश के प्रभाव में
आकर,
बिना समझे अनंत के प्रवाह को।।

परिधि की ये नजर
मुझे वृत्त के केन्द्र से दूर कर देती है
जो ठहरा है वहीं
मुकम्मल तब्दीलगियों के बीच।

वृत्त के उस केन्द्र के ही साथ
रह जाता हूँ मैं महरूम
'तथ्य' के भीतर छुपे 'सत्य' से
क्योंकि
घटनाओं में निहित तथ्य को
समझने से ही पहले
की गई उन व्याख्याओँ ने ढंक दिया
उस सत्य को हमेशा के लिये।

सहसा के भंवर में
सनातन छूट जाता है...
और मैं इतराता हूँ
इन त्वरित उपलब्धियों पे,
उन्हें देख ही हंसता हूँ
रोता हूँ उन्हीं से।

कभी रुसवाईयों में
या चरम तन्हाईयों में,
अपेक्षित से उपेक्षित होने के बाद
होता भी है भान
संयोगों की ध्वंसात्मक
प्रकृति का...
तब भी वो विरक्ति का आवेग
भ्रामक सुख-संयोगों से
विभक्ति की वजह नहीं बन पाता।

और फिर
इस व्यक्त के व्यामोह में
जो वाकई 'व्याप्त' है
वो अनेदखा ही
रह जाता है नज़र से।

बदलते
ग्रह, नक्षत्र
दिवस, मास और वर्ष में।
टूटती
अनंत उल्कापिंडों के
दरमियाँ।

वो बना ही रहता है ओझल...
जो ठहरा है
अपनी धुरी पर
अचल, स्थायी और सिद्ध।
बस, इसीलिये
इस बदलाव के बीच,
मुझे भी बदलना पड़ता है।
आना पड़ता है
धरा पर
रूप बदल-बदलकर।

6 comments:

  1. Hello ! This is not spam! But just an invitation to join us on "Directory Blogspot" to make your blog in 200 Countries
    Register in comments: blog name; blog address; and country
    All entries will receive awards for your blog
    cordially
    Chris
    http://world-directory-sweetmelody.blogspot.com/

    ReplyDelete
  2. Hello ! This is not spam! But just an invitation to join us on "Directory Blogspot" to make your blog in 200 Countries
    Register in comments: blog name; blog address; and country
    All entries will receive awards for your blog
    cordially
    Chris
    http://world-directory-sweetmelody.blogspot.com/

    ReplyDelete
  3. Hello!
    Welcome to the "Directory Blogspot"
    We are pleased to accept your blog in the division: INDIA
    with the number: 538
    We hope that you will know our website from you friends,
    Invite your friends by giving them the "Directory award"
    This is the only way to expand the site.
    The activity is only friendly
    Important! Remember to follow our blog. thank you
    Have a great day
    friendly
    Chris
    For other bloggers who read this text come-register
    http://world-directory-sweetmelody.blogspot.fr/search/label/Asia%20India%20_______________538%20%20%20Members
    Imperative to follow our blog to validate your registration
    Thank you for your understanding
    ++++
    Get a special price "Directory award" for your blog! with compliments
    Best Regards
    Chris
    A pleasure to offer you a degree for your site
    http://nsm08.casimages.com/img/2015/04/22//15042212171618874513195366.png

    PLEASE INVITE YOUR FRIENDS

    ReplyDelete
  4. बहुत गहरी ... ख़ुद से बात करती ... उलझी सुलझी रचना ...

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर शब्द रचना
    http://savanxxx.blogspot.in

    ReplyDelete
  6. ब्रह्माण्ड में अपनी क्या क्षुद्र भूमिका है कोई नहीं जान पाता है, अनुमान लगा सकता है बस ....नियति किसी की भी नियत नहीं कब क्या हो जाय ..

    बहुत सुन्दर ..

    ReplyDelete

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Post Comment